देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग और वीआईपी की भूमिका को लेकर जारी विवाद के बीच उत्तराखंड सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को सरकार ने इस संवेदनशील मामले की सीबीआई जांच के लिए औपचारिक पत्र भेज दिया है। वहीं पूर्व विधायक भी नार्को टेस्ट कराने के लिए सहमत हो गए हैं। मुख्यमंत्री के सचिव शैलेश बगौली ने इस कदम की पुष्टि करते हुए बताया कि अंकिता के माता-पिता की भावनाओं और उनकी मांग का सम्मान करते हुए, विशेष रूप से उस वीआईपी की भूमिका की जांच का अनुरोध किया गया है जिसका नाम बार-बार इस प्रकरण में सामने आता रहा है। सरकार द्वारा भेजे गए इस पत्र में हत्याकांड का पूरा ब्योरा दिया गया है और केंद्रीय जांच एजेंसी से गहन पड़ताल का आग्रह किया गया है।


