काठमांडु। बौद्धनाथ स्तूप की शांत आंखें कभी तिब्बती शरणार्थियों के लिए सुरक्षा और उम्मीद का प्रतीक हुआ करती थीं, लेकिन आज काठमांडू की गलियों और छतों पर लगी हजारों चीनी निगरानी कैमरों की आंखें कहीं अधिक निर्दयी निगरानी कर रही हैं। चीन की उन्नत सर्विलांस तकनीक और नेपाल सरकार के सहयोग से देश धीरे-धीरे एक ऐसी ‘डिजिटल जेल’ में बदलता जा रहा है, जहां सबसे ज्यादा असर तिब्बती समुदाय पर पड़ा है।


