तेहरान। मध्य पूर्व की भू-राजनीति में एक बड़ा और अप्रत्याशित मोड़ आया है। ईरान में सत्ता परिवर्तन (रिजीम चेंज) और उसके परमाणु कार्यक्रम को रोकने की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की महत्वाकांक्षी योजना को अपने ही सहयोगियों से कड़ा झटका लगा है। खाड़ी के तीन प्रमुख मुस्लिम देशों—सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और कतर ने अमेरिका को स्पष्ट कर दिया है कि वे ईरान पर किसी भी सैन्य हमले के लिए अपनी जमीन, हवाई क्षेत्र या सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देंगे। इस फैसले ने ट्रंप प्रशासन की सैन्य रणनीति को अधर में लटका दिया है और ये देश अनजाने में ईरान के लिए एक सुरक्षा कवच के रूप में उभर रहे हैं।


