इन्दौर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ इन्दौर में जस्टिस प्रणय वर्मा की कोर्ट में जिला प्रशासन द्वारा अवैध कालोनियां काटने वाले 30 कॉलोनाइजर्स पर एफआइआर कराने को चुनौती देने वाली याचिका सुनवाई उपरांत खारिज कर दी। सुनवाई दौरान याचिकाकर्ता द्वारा एक अन्य आदेश का संदर्भ देते मामले में अन्य लोगों को दी गई राहत पर कोर्ट ने कहा कि वह अंतरिम फैसला है, जिसे मान्य करने के लिए कोर्ट बाध्य नहीं है। अवैध कालोनियां काटने वाले कालोनाइजरों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को चुनौती देते यह याचिका कॉलोनाइजर वर्दीलाल चौधरी ने दायर कर हाईकोर्ट मे कहा था कि वे कॉलोनाइजर की परिभाषा में नहीं आते हैं। इसके लिए उन्होंने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ ग्वालियर के द्वारा जारी आदेश की दलील दी गई। जिसे स्पष्ट करते कोर्ट ने कहा कि यह आदेश कॉलोनाइजर मानकर किया गया है, जो ग्वालियर कोर्ट के आदेश के तहत नहीं आता है। कोर्ट ने उन्हें निर्देश देते कहा कि अपर कलेक्टर के आदेश के खिलाफ वैकल्पिक उपाय मौजूद हैं। वे सक्षम प्राधिकार के पास इसे चुनौती दे सकते हैं।


