तेहरान। मध्य पूर्व में जारी भीषण महायुद्ध के बीच ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस और अंतिम शाह के बेटे रजा पहलवी ने एक बड़ा राजनीतिक कदम उठाया है। एक भावुक वीडियो संदेश में पहलवी ने न केवल पड़ोसी अरब देशों पर ईरान द्वारा किए गए मिसाइल हमलों की निंदा की, बल्कि यह घोषणा भी कर दी कि उन्होंने इस्लामिक गणराज्य के संभावित पतन के बाद देश का नेतृत्व करने के लिए जनता के जनादेश को स्वीकार कर लिया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में सर्वोच्च नेता अली खामेनेई और शीर्ष सैन्य कमांडरों की मौत के बाद ईरान नेतृत्व के संकट से जूझ रहा है।
रजा पहलवी ने अपने संबोधन में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), बहरीन, कतर, कुवैत, ओमान, जॉर्डन, इराक और सऊदी अरब पर दागी गई मिसाइलों को संप्रभुता का अस्वीकार्य उल्लंघन करार दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह शासन पिछले पांच दशकों से क्षेत्र में केवल रक्तपात और अराजकता फैला रहा है, जिसका अब अंत होना अनिवार्य है। पहलवी ने अरब जगत को विश्वास दिलाया कि यह आक्रामक नीति ईरानी जनता की नहीं, बल्कि वर्तमान दमनकारी शासन की है।


