नई दिल्ली। सर्दियों के मौसम में कफ दोष बढ़ जाता है, जिससे गले में जलन और सूजन पैदा होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू और प्राकृतिक उपायों से गले में राहत मिल सकती है। सर्दियों में हवा सूखी होने के कारण गले की म्यूकस लेयर ड्राई हो जाती है, जिससे वायरस के प्रवेश का खतरा बढ़ जाता है।
इसी तरह हीटर के सामने बैठना गले की नमी को और घटा देता है, जबकि सुबह ठंडी हवा में निकलना और ठंडे-गर्म पेय का सेवन सूजन को बढ़ा सकता है। आयुर्वेद में ऐसे उपाय बताए गए हैं, जो कफ को संतुलित कर गले को गर्माहट और नमी प्रदान करते हैं। इनमें हींग-शहद का लेप बेहद असरदार माना जाता है। हींग के एंटीवायरल गुण कफ को ढीला कर गले की जलन कम करते हैं। मिश्री, सौंफ और काली मुनक्का को उबालकर तैयार किया गया काढ़ा पीने से गला नम रहता है और सूजन घटती है। गुनगुने पानी में हल्दी और कुचली लौंग मिलाकर गरारा करना भी लाभदायक है। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन सूजन कम करता है, जबकि लौंग गले में दर्द और खराश में आराम देती है।


