नई दिल्ली। आजकल कम उम्र में ही थकान, सुस्ती, चिड़चिड़ापन, सांस लेने में कठिनाई और रक्त संचार की समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। हैल्थ एक्सपर्ट की माने तो शरीर में ऊर्जा के असंतुलन के कारण ये समस्याएं और अधिक जटिल हो जाती हैं। ऐसे में योग और हस्त मुद्राओं जैसी प्राचीन विधियां शरीर और मन को संतुलित रखने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। इन्हीं में से एक है गरुड़ मुद्रा जो वायु तत्व को नियंत्रित कर ऊर्जा और सक्रियता बढ़ाने में सहायक मानी जाती है।


