हॉकी इंडिया हर खिलाड़ी को पांच-पांच लाख का इनाम देगी
चेन्नई। भारतीय हॉकी टीम ने जूनियर हॉकी विश्व कप में अर्जेंटीना को 4-2 से हराकर कांस्य पदक जीत लिया है। इसी के साथ ही 9 साल के बाद भारतीय टीम को कोई पदक मिला है। इससे पहले भारतीय टीम ने साल 2001 में होबार्ट और साल 2016 में लखनऊ में खिताब जीता था। इस बार तीसरे स्थान के लिए हुए मुकाबले में भारतीय टीम ने शुरुआत में पिछड़ने के बाद भी शानदार वापसी करते हुए अंतिम 11 मिनट में 4 गोल कर मैच अपने नाम कर लिया। वहीं पिछले दो विश्वकप में भारतीय टीम हार के साथ ही हारकर चौथे स्थान पर रही थी।
इस बार भारतीय टीम ने कोई गलती नहीं की और शुरुआती 3 क्वार्टर तक 2 गोल से पीछे होने के बाद भी हिम्मत नहीं हारी ओर अंतिम क्वार्टर में जीत दर्ज की। भारतीय टीम ने अंतिम 11 मिनट में शानदार प्रदर्शन कर मैच पलट दिया। इन दौरान टीम ने एक के बाद एक चार गोल किये। अंकित पाल ने 49वें मिनट में पहला गोल किया। वहीं इसके कुछ ही मिनट बाद मनमीत सिंह ने 52 वें मिनट में दूसरा गोल कर मैच बराबरी पर ला दिया। शारदानंद तिवारी ने 57वें मिनट में तीसरा जबकि अनमोल इक्का ने 58वें मिनट में चौथ गोल दागा। वहीं इससे पहले अजेंटीना की ओर से निकोलस रौद्रिगेज ने पांचवें और पांचवें और सैंटियागो फर्नांडिस ने 44 वें मिनट में एक गोल दागा। हॉकी इंडिया ने भारतीय टीम के शानदार प्रदर्शन उसे बधाई देते हुए हर खिलाड़ी को 5-5 लाख रुपए का इनाम देने की घोषणा की है। इसके अलावा सहयोगी स्टाफ को भी 2.5 लाख रुपए दिये जाएंगे।


