नई दिल्ली। पुरानी दिल्ली के तुर्कमान गेट और फैज-ए-इलाही मस्जिद क्षेत्र में देर रात अवैध निर्माण के खिलाफ चलाए गए अभियान के दौरान जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। नगर निगम और पुलिस की टीम जब माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन कराने के लिए मौके पर पहुंची, तो असामाजिक तत्वों ने उन पर हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में कम से कम पांच पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। घटना के दौरान उग्र भीड़ ने अचानक पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिसके चलते कुछ समय के लिए माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया।
प्रशासनिक टीम रात करीब 1 बजे जब एक बारात घर और उसके आसपास के अवैध अतिक्रमण को हटाने पहुंची, तो वहां करीब 200 लोगों की भीड़ जमा हो गई। हालांकि, शुरुआत में अधिकारियों ने लोगों को अदालती आदेश की प्रति दिखाई और उन्हें समझा-बुझाकर वापस भेज दिया था, लेकिन कुछ ही देर बाद तुर्कमान गेट के समीप से आए उपद्रवियों ने पुलिस बल पर पत्थरों से हमला कर दिया। भीड़ का आक्रोश इतना अधिक था कि सुरक्षाकर्मियों को कुछ समय के लिए पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस ने मोर्चा संभाला और आंसू गैस के गोले दागकर उपद्रवियों को तितर-बितर किया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह तोड़फोड़ की कार्रवाई पूरी तरह से कानूनी थी और सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए की गई थी। घटना के बाद पुलिस ने उपद्रवियों की पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों, ग्राउंड फुटेज और पुलिसकर्मियों के बॉडी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है।
अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
फिलहाल इलाके में स्थिति नियंत्रण में है और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि न्यायिक आदेशों के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की बाधा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया है और आरोपियों की धरपकड़ के लिए छापेमारी जारी है। पुलिस ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।’


