नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के छोटे से गांव बोरगांव से निकलकर रॉयल चेलेंजर बेंगलुरु तक पहुंचने वाले मंगेश यादव का सफर सिर्फ 5.2 करोड़ रुपये की बोली तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक परिवार के संघर्ष, त्याग और अटूट विश्वास की कहानी है। यह कहानी बताती है कि कठिन परिस्थितियां भी उस इंसान को नहीं रोक सकतीं, जिसके पास प्रतिभा और उसे तराशने वाला सही मार्गदर्शक हो।


