ढाका। बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन और शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद से अल्पसंख्यक समुदायों, विशेषकर हिंदुओं के खिलाफ हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के कार्यकाल में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक हालिया मानवाधिकार रिपोर्ट के अनुसार, जून 2025 से जनवरी 2026 के बीच बांग्लादेश के विभिन्न हिस्सों में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों पर जुल्म की पराकाष्ठा देखी गई है। यहां मात्र 7 माह में 116 अल्पसंख्यकों को मौत के घाट उतार दिया गया है।


