नई दिल्ली। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने कक्षा आठ की पाठ्यपुस्तक में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से संबंधित एक विवादास्पद अध्याय को लेकर सुप्रीम कोर्ट की भारी नाराजगी के बाद बिना शर्त माफी मांग ली है। शीर्ष अदालत द्वारा इस सामग्री को बेहद परेशान करने वाला और संविधान के बुनियादी ढांचे पर हमला करार दिए जाने के बाद परिषद पूरी तरह बैकफुट पर आ गई है। एनसीईआरटी ने स्पष्ट किया है कि संबंधित अध्याय में अनुचित पाठ्य सामग्री और निर्णय की त्रुटि अनजाने में शामिल हो गई थी जिसे अब उपयुक्त अधिकारियों के परामर्श से पूरी तरह से फिर से लिखा जाएगा। इस विवाद के बीच परिषद ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट से इस पुस्तक को हटा दिया है और इसकी प्रतियों का वितरण भी तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है।


