नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में प्राकृतिक दिनचर्या अपनाना शरीर और मन दोनों के लिए बेहद लाभकारी साबित होता है। यह कोई कठिन नियमों वाला तरीका नहीं है बल्कि प्रकृति की लय और शरीर की आवश्यकताओं के अनुरूप जीवन जीने का सरल तरीका है। प्राकृतिक दिनचर्या की शुरुआत सुबह से होती है। सूरज उगने से पहले उठना तन और मन के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। इस समय वातावरण शांत और स्वच्छ होता है जिससे मन एकाग्र रहता है। सुबह टहलना, योग, प्राणायाम या ध्यान करना पूरे दिन के लिए ऊर्जा और सकारात्मकता प्रदान करता है। यह समय खुद से जुड़ने और दिन की योजनाओं को व्यवस्थित करने के लिए भी सर्वोत्तम होता है।


