नई दिल्ली। बदलते मौसम में बच्चों में पेट से जुड़ी समस्याएं, सर्दी-जुकाम और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता जैसी परेशानियां आम हो जाती हैं। ऐसे समय में प्राकृतिक उपाय अपनाकर बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत किया जा सकता है। आयुर्वेद में कई ऐसे औषधीय उपाय बताए गए हैं, जिनमें जायफल को विशेष रूप से उपयोगी माना गया है। इसे वात-शामक, पाचक और मस्तिष्क को पोषण देने वाला बताया गया है, जो शरीर को संतुलित रखने में मदद करता है। जायफल का सेवन बच्चों के लिए सीधा नहीं किया जाता, क्योंकि इसकी प्रकृति तीक्ष्ण मानी जाती है। इसलिए पारंपरिक रूप से इसे विशेष प्रक्रिया के माध्यम से शुद्ध और कोमल बनाया जाता था।


