नई दिल्ली। विशेषज्ञ मानते हैं कि मानसिक सुकून पाने के लिए दवाओं के अलावा कुछ प्राकृतिक और सरल उपाय भी बेहद प्रभावी हो सकते हैं। इन्हीं में से एक है किताबें पढ़ना, जिसे बिब्लियो थेरेपी कहा जाता है। पढ़ना न केवल ज्ञान बढ़ाता है, बल्कि भावनाओं को समझने, तनाव घटाने और आत्मविश्वास मजबूत करने में भी मदद करता है। बिब्लियो थेरेपी का मतलब है पढ़ने के जरिए मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाना। अमेरिकन नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, इस थेरेपी में स्व-सहायता वर्कबुक, उपन्यास, कहानियां, पंफलेट और ऑडियो बुक्स जैसी सामग्रियों का उपयोग किया जाता है। व्यक्ति अपनी समस्या और मानसिक स्थिति के अनुसार किताबें पढ़ता है, जिससे उसे अपनी भावनाओं को समझने और उनसे निपटने का रास्ता मिलता है। यह पूरी तरह गैर-औषधीय और प्राकृतिक तरीका है, जिसे कोई भी व्यक्ति घर बैठे आसानी से अपना सकता है।


