नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना (आईएएफ) की युद्धक क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए भारत और फ्रांस एक ऐतिहासिक रक्षा समझौते के बेहद करीब पहुंच गए हैं। वायुसेना के बेड़े में लड़ाकू विमानों की लगातार होती कमी को पूरा करने के लिए अतिरिक्त राफेल विमानों के ऑर्डर दिए जाने की प्रबल संभावना है। रक्षा गलियारों में यह चर्चा अगले महीने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा के दौरान और अधिक तेज होने वाली है। भारतीय वायुसेना ने पहले ही सरकार-से-सरकार (जी2जी) समझौते के तहत बड़ी संख्या में आधुनिक जेट विमानों के अधिग्रहण का विस्तृत प्रस्ताव सरकार के समक्ष पेश किया है। इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत वायुसेना को अपनी सामरिक बढ़त बनाए रखने के लिए कम से कम 114 आधुनिक लड़ाकू विमानों की तत्काल आवश्यकता है।


