पिछले दो महीनों की तुलना में आयात में 40 फीसदी से अधिक की कमी आई
नई दिल्ली। भारत के एलपीजी (एलपीजी) आयात में मार्च 2026 में अचानक गिरावट दर्ज की गई है। शिप-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार पिछले दो महीनों की तुलना में आयात में 40 फीसदी से अधिक की कमी आई है। इस कमी ने देश की ऊर्जा सुरक्षा पर असर पड़ने की आशंका पैदा कर दी है। मार्च में भारत का कुल एलपीजी आयात लगभग 1.22 मिलियन टन रहा, जो जनवरी की तुलना में 46 फीसदी और फरवरी की तुलना में 40 फीसदी कम है। इस बीच, अमेरिका ने भारत को मार्च में सबसे अधिक एलपीजी सप्लाई की, कुल 420 हजार टन। संयुक्त अरब अमीरात और कतर ने समान रूप से 226 हजार टन आपूर्ति की, जबकि सऊदी अरब 130 हजार टन और कुवैत 90 हजार टन योगदान दे सके। ईरान ने करीब सात साल बाद आपूर्ति फिर से शुरू की और 43 हजार टन भेजा। विशेषज्ञों के अनुसार, फरवरी के अंत में ईरान से जुड़ा सैन्य तनाव बढ़ने के बाद स्ट्रेट आफ होर्मुज के रास्ते समुद्री यातायात प्रभावित हुआ। इससे एलपीजी आपूर्ति पर असर पड़ा और आयात में कमी आई। ऊर्जा विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यदि वैश्विक आपूर्ति अस्थिर बनी रहती है, तो भारत को वैकल्पिक स्रोतों और रणनीतिक भंडारण पर ध्यान केंद्रित करना होगा। इससे किसी भी आपातकालीन स्थिति में घरेलू आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।


