नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच एक ऐतिहासिक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पर सहमति बन गई है जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को इस महत्वपूर्ण प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि इस समझौते से भारतीय निर्यातकों विशेष रूप से सूक्ष्म लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) किसानों और मछुआरों के लिए अमेरिका का लगभग 30,000 अरब डॉलर का विशाल बाजार खुल जाएगा। इस समझौते की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि भारत ने अपने संवेदनशील कृषि और डेयरी क्षेत्रों को विदेशी प्रतिस्पर्धा से पूरी तरह सुरक्षित रखा है।


