बीजिंग,। क्या चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की राह पर चलते हुए नोबेल शांति पुरस्कार की आकांक्षा रख रहे हैं? यह सवाल अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक हलकों में तब गूंजने लगा जब अमेरिका के बाद अब चीन ने भी यह दावा कर दिया कि उसने हालिया तनाव के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की थी। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी में कहा कि उनके देश ने नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच न केवल मध्यस्थता की, बल्कि संघर्ष विराम (सीजफायर) कराने और क्षेत्र में शांति बहाली में निर्णायक भूमिका निभाई।


