सड़क सुधार, स्पीड कंट्रोल, ओवरलोडिंग पर कार्रवाई न होने पर और बढ़ सकती हैं दुर्घटनाएं
वैशाली। वैशाली जिले में अप्रैल 2025 से नवंबर 2025 तक सड़क हादसों ने भयावह रूप ले लिया है। इन आठ महीनों में जिले में 212 लोगों की मौत और 78 गंभीर घायल हुए। केवल नवंबर माह में ही 25 लोगों की जान गई। महीनेवार आंकड़ों के अनुसार अप्रैल में 19, मई में 27, जून में 33, जुलाई में 39, अगस्त में 18, सितंबर में 23, अक्टूबर में 28 और नवंबर में 25 लोगों की मौतें हुईं। सबसे अधिक हादसे हाजीपुर–मुजफ्फरपुर एनएच-22, हाजीपुर–महुआ मुख्य मार्ग और हाजीपुर–लालगंज रोड पर हुए। स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज रफ्तार, ओवरटेकिंग और चालकों की लापरवाही मुख्य वजह हैं। वाहनों की बढ़ती संख्या और नियमों के पालन में ढिलाई भी दुर्घटनाओं को बढ़ा रही है। यातायात थाना के अनुसार, इस अवधि में 202 सड़क हादसों के मामले दर्ज किए गए और 109 वाहन जब्त किए गए, लेकिन केवल 22 वाहनों पर कार्रवाई हुई। हादसों के बाद स्थानीय लोग सड़क जाम कर विरोध जताते हैं, लेकिन प्रशासनिक कदम सीमित रहते हैं। 78 घायल अधिकांशतः स्थानीय पीएचसी, सदर अस्पताल और निजी नर्सिंग होम में उपचारित किए गए। गंभीर मामलों को हाजीपुर के पीएमसीएच रेफर करना पड़ा। इन हादसों से स्वास्थ्य केंद्रों पर दबाव भी बढ़ा। विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क सुधार, स्पीड कंट्रोल, ओवरलोडिंग पर कार्रवाई और ट्रैफिक पुलिस की तैनाती न होने पर दुर्घटनाएं और बढ़ सकती हैं। 8 महीनों में 212 मौतें प्रशासन और सड़क निर्माण एजेंसियों के लिए गंभीर चेतावनी हैं।


