कोलकाता। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल के नादिया जिले स्थित मायापुर में इंटरनेशनल सोसायटी फॉर कृष्णा कॉन्शसनेस (इस्कॉन) मंदिर में एक धार्मिक कार्यक्रम में अपनी आधिकारिक हैसियत से नहीं बल्कि श्री चैतन्य महाप्रभु के अनुयायी के तौर पर शामिल हुए। 19वीं सदी के वैष्णव पुनरुत्थानवादी और गौड़ीय मठ के संस्थापक भक्तिसिद्धांत सरस्वती के 152वें पवित्र अवतरण दिवस के मौके पर इकट्ठा हुए लोगों को संबोधित करते हुए अमित शाह ने अपने छोटे से भाषण में समारोह में शामिल होने वाले भक्तों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से शुभकामनाएं भी दीं और इस मौके से जुड़े भक्ति के संदेश को शेयर किया।
उन्होंने कहा, मैंने सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की। मैंने उन्हें बताया कि आज मैं मायापुर में भक्तिसिद्धांत सरस्वती की 152वीं जयंती में शामिल होने जा रहा हूं। उन्होंने आप सभी का दिल से अभिवादन किया और आप सभी को ‘हरे कृष्ण’ का संदेश दिया। थोड़ी देर पहले मुझे भारत के गृह मंत्री के तौर पर संबोधित किया गया। मैं यहां भारत के गृह मंत्री के तौर पर नहीं आया हूं। मैं आज यहां चैतन्य महाप्रभु के एक विनम्र भक्त के तौर पर आया हूं।


