नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक और रणनीतिक रिश्तों में एक अभूतपूर्व तेजी देखने को मिल रही है जिससे वैश्विक व्यापार का परिदृश्य बदलने की उम्मीद है। सोमवार रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई टेलीफोनिक वार्ता के बाद अमेरिका ने एक बड़ा कदम उठाते हुए भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। इस ऐतिहासिक फैसले ने न केवल भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत दी है, बल्कि दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच तकनीक, ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सहयोग के नए द्वार भी खोल दिए हैं। यदि यह गठबंधन सफल रहता है तो वैश्विक तकनीकी बाजार में चीन की मोनोपॉली काफी हद तक कमजोर हो सकती है।


