-इनमें 3.65 करोड़ मामले क्रिमिनल और बाकी सिविल मैटर के हैं
नई दिल्ली। देश में जुडिशरी के सामने अभी भी सबसे बड़ी चुनौती करोड़ों की पेंडेंसी को लेकर है। देश भर की निचली अदालतों, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में कुल मिलाकर भारी पेंडेंसी है। 28 दिसंबर 2025 के आंकड़ों के मुताबिक देश भर की निचली अदालतों, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में कुल मिलाकर 5 करोड़ 41 लाख केस पेंडिंग हैं। देशभर की निचली अदालतों में 4.76 करोड़ केस पेंडिंग है। इनमें 3.65 करोड़ मामले क्रिमिनल हैं और बाकी सिविल मैटर के हैं।


