कोलकाता। बांग्लादेश में आगामी चुनावों से पहले बढ़ती हिंसक घटनाओं ने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषकर हिंदू समुदाय और अन्य अल्पसंख्यक समूहों के लिए स्थितियां अत्यंत चुनौतीपूर्ण होती जा रही हैं। हाल के दिनों में कई हिंदुओं की हत्या के मामले सामने आए हैं, लेकिन मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार इन घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय इन्हें प्रोपेगंडा बताकर खारिज कर रही है। इसी अशांत माहौल के बीच, मशहूर हिंदू संगीतकार और आवामी लीग के वरिष्ठ नेता प्रलय चाकी की पुलिस हिरासत में मौत ने हड़कंप मचा दिया है। प्रलय चाकी की मौत के बाद उनके परिवार ने जेल प्रशासन और पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।


