ढाका,। बांग्लादेश की राजधानी ढाका में एक बार फिर हिंसा और अराजकता का माहौल गहराता जा रहा है। मोहम्मद यूनुस की नीतियों और प्रशासनिक कमजोरियों का असर अब साफ तौर पर जमीन पर दिखने लगा है। राजधानी ढाका समेत देश के कई हिस्सों में उपद्रव, हत्याएं और फायरिंग की घटनाएं आम होती जा रही हैं। धानमंडी-32 इलाके में उस्मान हादी की मौत के बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। यह वही इलाका है, जो देश के संस्थापक शेख मुजीबुर रहमान के पैतृक आवास के लिए जाना जाता है। गुरुवार रात बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे, जिससे माहौल और भड़क उठा। बीते 15 महीनों में करीब 5,000 हत्याओं के मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक मानी जा रही है। हालात का सबसे ज्यादा असर हिंदू और ईसाई जैसे अल्पसंख्यक समुदायों पर पड़ रहा है, जो लगातार कट्टरपंथियों के निशाने पर हैं।


