नई दिल्ली। दिल्ली की तुलना में उत्तर प्रदेश और बिहार की स्थायी लोक अदालतों (पीएलए) में प्रति मामले निपटान का खर्च लगभग 200 गुना अधिक है। एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में प्रति मामले औसत निपटान खर्च मात्र 500 रुपये है, जबकि हरियाणा में यह 766 रुपये। इसके उलट, उत्तर प्रदेश में यह राशि 1,10,895 रुपये और बिहार में करीब 1,06,000 रुपये पहुंच जाती है। राष्ट्रीय औसत प्रति मामले निपटान खर्च 2,650 रुपये है। स्थायी लोक अदालतों की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। वर्ष 2016-17 में केवल 93 हजार मामलों का निपटारा हुआ था, जो 2024-25 में बढ़कर 2.37 लाख से अधिक हो गया। यह 155 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि दर्शाता है, जो न्याय प्रणाली की तेजी और पहुंच में मजबूती का संकेत है।


