टोक्यो। जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची द्वारा ताइवान के मुद्दे पर दिए गए हालिया बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई कूटनीतिक जंग छेड़ दी है। ताकाइची की टिप्पणियों को दुनिया के कई देशों और सैन्य विशेषज्ञों ने ‘गलत’ और ‘अत्यधिक भड़काऊ’ करार दिया है। इस बयान को जापान के बढ़ते सैन्य विस्तारवादी इरादों के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे भविष्य में क्षेत्रीय स्थिरता को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। इस विवाद के केंद्र में ताइवान का मुद्दा है, जिस पर दुनिया के अधिकांश देशों ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए दोहराया है कि वैश्विक पटल पर केवल ‘एक चीन’ का अस्तित्व है और ताइवान उसका अभिन्न हिस्सा है।


