बेंगलुरु। कर्नाटक की राजनीति में सत्ता को लेकर चल रही अंदरूनी खींचतान एक बार फिर सतह पर आ गई है। राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में सबसे लंबे समय तक सेवा देने का नया रिकॉर्ड बनाने वाले सिद्धारमैया अब अपनी कुर्सी और भविष्य की भूमिका को लेकर आर-पार के मूड में नजर आ रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, शासन में हो रहे दैनिक भ्रम और भविष्य की अनिश्चितताओं को देखते हुए मुख्यमंत्री ने कांग्रेस आलाकमान से अपनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट करने की मांग की है। सिद्धारमैया का मानना है कि नेतृत्व के मुद्दे पर चल रही चर्चाओं के कारण प्रशासनिक कार्यों पर असर पड़ रहा है, जिसे तुरंत सुलझाया जाना आवश्यक है।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सीधे राहुल गांधी से संपर्क कर इस पूरे प्रकरण पर ठोस समाधान निकालने का आग्रह किया है। उनका तर्क है कि मुख्यमंत्री पद को लेकर हर दिन पैदा हो रहे नए भ्रम के कारण वे अपने प्रशासनिक फैसले लेने में असहज महसूस कर रहे हैं। सिद्धारमैया न केवल कैबिनेट विस्तार करना चाहते हैं, बल्कि उन्हें कई महत्वपूर्ण बोर्डों और निगमों में नई नियुक्तियां भी करनी हैं। इन कार्यों को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने आलाकमान से स्पष्ट संकेत देने की अपील की है ताकि भ्रम की स्थिति पूरी तरह समाप्त हो सके और सरकार अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर सके।


