नई दिल्ली। भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के आर्थिक संबंधों में 27 जनवरी को एक नया अध्याय जुड़ गया जब दोनों पक्षों ने लंबे समय से प्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर किए। इस रणनीतिक समझौते के साथ ही भारतीय वस्त्र एवं परिधान उद्योग के लिए वैश्विक बाजार के द्वार पूरी तरह खुल गए हैं। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस उपलब्धि को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए मील का पत्थर बताते हुए कहा कि इस समझौते से देश के कपड़ा निर्यात में अभूतपूर्व उछाल आएगा। वर्तमान में भारत का वस्त्र निर्यात जो करीब 7 अरब डॉलर है, उसके बहुत कम समय में बढ़कर 30 से 40 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस विस्तार से श्रम-प्रधान वस्त्र क्षेत्र में लगभग 60 से 70 लाख नए रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।


