शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का आगाज़ एक ऐसी असाधारण घटना के साथ हुआ जिसने राज्य के संसदीय इतिहास में नया विवाद खड़ा कर दिया है। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार के बीच रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (आरडीजी) और केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर मतभेद सदन के भीतर खुलकर सामने आ गए। राज्यपाल ने दुर्लभ कदम उठाते हुए अपना अभिभाषण महज 2 मिनट 1 सेकंड में समाप्त कर दिया और सदन के पटल पर सरकार द्वारा तैयार किए गए दस्तावेज़ के महत्वपूर्ण हिस्सों को पढ़ने से इनकार कर दिया।


