मास्को। मध्य पूर्व में गहराते सैन्य संघर्ष और तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में बड़ा संकट खड़ा हो गया है। सामरिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य से कच्चे तेल की आवाजाही का रास्ता बंद होने से भारत सहित दुनिया भर के देशों के लिए आपूर्ति शृंखला बाधित हो गई है। ऐसे में भारत के पुराने मित्र रूस ने संकटमोचक की भूमिका निभाते हुए कच्चे तेल की खेप को भारत की ओर मोड़ने की तत्परता दिखाई है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, वर्तमान में भारतीय जलक्षेत्र के पास अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर लगभग 95 लाख बैरल रूसी कच्चा तेल मौजूद है, जिसे कुछ ही हफ्तों के भीतर भारतीय रिफाइनरियों तक पहुंचाया जा सकता है।


