नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी घोटालों में से एक माने जा रहे लगभग 20,000 करोड़ रुपये के कथित बिटकॉइन स्कैम में सीबीआई ने डार्विन लैब्स के सह-संस्थापक आयुष वर्श्नेय को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी श्रीलंका के कोलंबो भागने की कोशिश कर रहा था। लेकिन उसके खिलाफ जारी लुक आउट सर्कुलर के आधार पर उसे एयरपोर्ट से ही हिरासत में ले लिया गया।
जांच एजेंसियों के मुताबिक यह घोटाला 2015 में शुरू हुई गेनबिटकॉइन स्कीम से जुड़ा है। इस स्कीम को अमित भारद्वाज (अब मृत), उनके भाई अजय भारद्वाज और उनके नेटवर्क ने शुरू किया था। इस योजना में निवेशकों को हर महीने 10 प्रतिशत रिटर्न का लालच दिया जाता था और कहा जाता था कि यह कमाई बिटकॉइन माइनिंग से होगी।


