अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस मामले में विभिन्न संगठनों और नेताओं द्वारा शिकायतें दर्ज कराई गई हैं, जबकि पुलिस की ओर से अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। कुछ शिकायतकर्ताओं ने मंदिर से जुड़ी मूल्यवान शिलाओं और दान राशि के हिसाब-किताब पर सवाल उठाए हैं।
विपक्षी दलों के नेताओं ने ट्रस्ट और संबंधित अधिकारियों पर पारदर्शिता की कमी के आरोप लगाए हैं। वहीं कुछ नेताओं ने भूमि खरीद और दान राशि के उपयोग को लेकर भी जांच की मांग की है। दूसरी ओर धार्मिक संतों ने कहा है कि मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान का उपयोग पूरी ईमानदारी और जवाबदेही के साथ होना चाहिए। मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।


