दीपू की हत्या का मामला: पुलिस बोली देर से सूचना मिली, नहीं तो बचा लेते जान

भारत

ढाका,। 18 दिसंबर को जिस तरह हिंदू युवक दीपू चंद्र दास (25) की हत्या हुई उसने पूरी दुनिया को हिला दिया है। दोष सिर्फ इतना था वो हिंदू था। उस पर धर्म के खिलाफ बोलने का आरोप लगाया और भीड़ ने उसे मार डाला। जबकि जांच में ऐसा कुछ भी नहीं पाया गया। अब बांग्लादेश पुलिस सफाई देती फिर रही है कि देर से सूचना मिली थी इसलिए समय रहते नहीं पहुंच पाए वरना उसकी जान बचा लेते। बांग्लादेश के मयमनसिंह जिले में 18 दिसंबर की रात को एक हिंदू युवक दीपू चंद्र दास (25) की भीड़ द्वारा क्रूर हत्या की घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। दीपू एक गारमेंट फैक्ट्री में मजदूर थे, जहां कुछ श्रमिकों ने उन पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया। बिना किसी ठोस सबूत के भीड़ ने उन्हें फैक्ट्री से बाहर खींचकर बुरी तरह पीटा, पेड़ से बांधा और जिंदा जला दिया।

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