मुंबई। अब महाराष्ट्र ही नहीं पूरे देश की नज़र मुंबई महानगरपालिका के चुनावों पर है। सबकी नज़र इस बात पर है कि एशिया की सबसे अमीर मानी जाने वाली मुंबई मनपा पर किसका कब्ज़ा होगा। एक तरफ मनसे-शिवसेना (ठाकरे) तो दूसरी तरफ भाजपा-शिवसेना(शिंदे) ने अच्छा गेम खेलना शुरू कर दिया है। इस बीच, भाजपा के वरिष्ठ नेता कृपाशंकर सिंह के बयान से बड़ा विवाद खड़ा होता दिख रहा है। कृपाशंकर सिंह मुंबई में भाजपा का उत्तर भारतीय चेहरा हैं। लेकिन चुनाव से ठीक पहले उन्होंने एक विवादित बयान दिया है। कृपाशंकर सिंह ने कहा कि वे उतने ही नगरसेवक चुनेंगे जितने एक उत्तर भारतीय महापौर बना सकते हैं। कृपाशंकर सिंह ने भरोसा जताया है कि मीरा-भायंदर समेत 29 महानगरपालिकाओं में भाजपा महायुति सत्ता में आएगा। कृपाशंकर सिंह के इस बयान के बाद विवाद खड़ा हो गया है। एनसीपी के सचिन अहीर ने कृपाशंकर सिंह की आलोचना की है। सचिन अहीर ने कहा है कि क्या भारतीय जनता पार्टी के हिंदी बोलने वाले नेताओं की यह हिम्मत है? क्योंकि जिस तरह से हम इतने सारे लाते हैं या चेतावनी देते हैं कि मुंबई का महापौर हिंदी बोलने वाला होना चाहिए, असल में, यह चुनौती भरे तरीके से कहा जाता है, मुझे लगता है कि यह दिखाता है कि आज भी, यह कुछ ऐसा है जो मराठी लोगों या इस शहर में मराठी से प्यार करने वाले सभी अन्य भाषाओं के लिए काफी हद तक अपमानजनक है।

