नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच हुए नए समझौते से वैश्विक व्यापार और ऊर्जा बाजार में सकारात्मक संकेत मिले हैं। समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री गतिविधियां सामान्य होने और व्यापारिक मार्गों के फिर से खुलने की उम्मीद है। इसका सीधा लाभ भारत जैसे बड़े कच्चे तेल आयातक देशों को मिल सकता है। तेल आपूर्ति में स्थिरता आने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों पर दबाव कम हो सकता है। इसके साथ ही माल ढुलाई लागत घटने की संभावना है, जिससे पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में राहत मिल सकती है तथा महंगाई पर भी नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी।


