MP High C 2141564 1783431118129

दुष्कर्म पीड़िता के गर्भपात मामले में हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी

भारत 2

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दुष्कर्म पीड़िता के गर्भपात से जुड़े मामले में स्वास्थ्य विभाग और डॉक्टरों की कार्यप्रणाली पर गंभीर नाराजगी जताई है। अदालत ने कहा कि मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) अधिनियम, 1971 के तहत तय परिस्थितियों में डॉक्टर स्वयं निर्णय लेने के लिए अधिकृत हैं, इसलिए हर मामले में अदालत की अनुमति लेना आवश्यक नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने के आदेश दिए ताकि भविष्य में पीड़िताओं को अनावश्यक देरी और मानसिक पीड़ा का सामना न करना पड़े। साथ ही, पीड़िता के उपचार, आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल और कानूनी साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *