महिंद्रा एंड महिंद्रा अपनी पिकअप श्रृंखला के माध्यम से दक्षिण अफ्रीका में अग्रणी रही
जोहानिसबर्ग। दक्षिण अफ्रीका में बिकने वाली आधी कारें अब किसी न किसी रूप में भारत से जुड़ी हुई हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में जापानी हल्की कारों के 84 प्रतिशत वाहन भारत से आयातित थे, जबकि केवल 10 प्रतिशत वाहन ही जापान में बने थे। कुल वाहन बिक्री में से 36 प्रतिशत वाहन भारत से सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से आए, जो स्थानीय उत्पादन के लगभग बराबर है। रिपोर्ट में बताया गया है कि महिंद्रा एंड महिंद्रा विशेष रूप से अपनी पिकअप श्रृंखला के माध्यम से दक्षिण अफ्रीका में अग्रणी रही। टाटा जैसी भारतीय कंपनियां भी इस बाजार में मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं। 2025 के पहले पांच महीनों में कुल यात्री वाहन बिक्री में से 49 प्रतिशत वाहन भारत से आयात किए गए। इनमें अधिकांश वाहन मारुति सुजुकी के भारत स्थित उत्पादन से आए। यह संकेत देता है कि भारतीय उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता दोनों दक्षिण अफ्रीका में उपभोक्ताओं के लिए आकर्षक हैं। विश्लेषकों के अनुसार भारत में उत्पादन लागत और श्रम अपेक्षाकृत कम होने के कारण कंपनियां वहां उत्पादन बढ़ा रही हैं। इससे दक्षिण अफ्रीका के खरीदारों को कीमतों में राहत मिल रही है। हालांकि, यह स्थानीय वाहन उद्योग के लिए चिंता का विषय बन सकता है, क्योंकि अधिक आयातित वाहन स्थानीय निर्माताओं की बिक्री को प्रभावित कर सकते हैं।


