नई दिल्ली।पश्चिम एशिया में सैन्य संघर्ष गहराने के बीच पेट्रोलियम मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि वह उभरती हुई स्थिति पर नजर रखे हुए है। देश में प्रमुख पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता तथा किफायती दरों को सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।
भारत अपनी कच्चे तेल की आवश्यकता का 88 प्रतिशत और प्राकृतिक गैस की आवश्यकता का लगभग आधा हिस्सा आयात करता है। इस आपूर्ति का अधिकांश भाग हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आता है, जिसे अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद ईरान ने बंद कर दिया है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के साथ कच्चे तेल, एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की।


