नई दिल्ली। आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों में पपीते के पत्तों को कई गंभीर बीमारियों के उपचार में उपयोगी बताया गया है। विशेषकर मानसून के मौसम में फैलने वाली बीमारियों के दौरान इसे किसी प्राकृतिक औषधि से कम नहीं माना जाता। पपीते के पत्तों में मौजूद पपेन और काइमोपपेन जैसे एंजाइम पाचन तंत्र को मजबूत बनाने के साथ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाने में मदद करते हैं, जिससे शरीर संक्रमणों से लड़ने में सक्षम बनता है। पपीता जहां अपने स्वाद और पोषण के कारण स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है, वहीं इसके पत्ते भी औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार डेंगू और मलेरिया जैसी खतरनाक बीमारियों में पपीते के पत्तों का रस काफी प्रभावी माना जाता है। इन बीमारियों के दौरान शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से कम होने लगती है, जिसे संतुलित करने में पपीते के पत्ते सहायक माने जाते हैं।


