अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिति ईरान के पास अंतरराष्ट्रीय बिक्री के लिए अतिरिक्त तेल उपलब्ध नहीं
नई दिल्ली। भारतीय रिफाइनरियों के लिए ईरानी कच्चा तेल अब उपलब्ध तो है, लेकिन मात्रा बेहद सीमित और समय-सीमा बहुत संकीर्ण है। वॉशिंगटन द्वारा फ्लोटिंग स्टोरेज और ट्रांजिट में मौजूद ईरानी तेल की बिक्री के लिए हालिया छूट देने के बाद इसका रुख बदल गया है, और अधिकांश तेल चीन की ओर जा रहा है। भारत मार्च और अप्रैल में डिलीवरी के लिए रूस से स्टोरेज में मौजूद 100 मिलियन बैरल तेल का 60 फीसदी पहले ही खरीद चुका है, जबकि ईरानी तेल के लिए भारत के हिस्से में 10 मिलियन बैरल से कम मिल सकते हैं। एक वरिष्ठ ट्रेडर ने बताया कि डिलीवरी के लिए केवलएक महीने की सीमित समय-सीमा (19 अप्रैल तक) ने भारतीय सरकारी रिफाइनरियों के लिए सप्लाई चेन प्रबंधन को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। इस समय में विक्रेताओं की पहचान, उनकी विश्वसनीयता की जांच और शिपिंग व्यवस्था करना मुश्किल हो रहा है।


