image 1775725287879

आरबीआई ने रेपो रेट में नहीं ‎किया बदलाव, 5.25 फीसदी पर बरकरार

बिजनेस

ईएमआई में राहत, मिडिल ईस्ट तनाव और महंगाई के जोखिम के बीच आरबीआई ने अपनाया सतर्क रुख

नई दिल्ली । भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली द्विमासिक बैठक में प्रमुख नीतिगत दर रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर यथावत रखने का फैसला किया है। वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और भू-राजनीतिक तनावों के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है। भारतीय रिज़र्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने 6 से 8 अप्रैल तक चली बैठक के बाद यह स्पष्ट किया कि फिलहाल ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। समिति ने रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा है, जबकि स्टैंडिंग डिपॉज़िट फैसिलिटी (एसडीएफ) दर 5 प्रतिशत और मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी तथा बैंक दर 5.5 प्रतिशत पर स्थिर रखी गई हैं। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था अभूतपूर्व चुनौतियों का सामना कर रही है। हालांकि, अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत बनी हुई है, लेकिन वैश्विक हालात इसे चुनौती दे रहे हैं। दुनिया भर में आर्थिक वृद्धि की रफ्तार धीमी पड़ने का खतरा बना हुआ है, जिस पर तेल की बढ़ती कीमतों का असर साफ दिख रहा है। उन्होंने कहा कि तेल बाजार पर जियोपॉलिटिकल तनाव का साया अब भी मंडरा रहा है। इससे कीमतों में अनिश्चितता बनी हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *