नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय तक चले तनाव और संघर्ष का असर वैश्विक व्यापार तथा आपूर्ति श्रृंखलाओं पर पड़ा। इस चुनौतीपूर्ण माहौल में भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए व्यापारिक विविधीकरण की नीति को तेज़ी से आगे बढ़ाया। भारत ने यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में प्रगति की, वहीं अमेरिका और खाड़ी देशों के साथ भी व्यापारिक सहयोग बढ़ाने के कदम उठाए। ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रूस से कच्चे तेल के आयात को जारी रखा गया। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न देशों के दौरे कर नए आर्थिक और रणनीतिक साझेदारियों को मजबूत करने का प्रयास किया, जिससे भारत के वैश्विक हितों को मजबूती मिली


