देहरादून। उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड ने एक बार फिर विकराल रूप ले लिया है। न्याय की मांग को लेकर प्रदेश भर में उग्र प्रदर्शनों का दौर जारी है, जिसमें विभिन्न सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि इस पूरे मामले की जांच तत्काल प्रभाव से केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी जाए और उस वीआईपी के नाम का खुलासा किया जाए, जिसका जिक्र इस केस में बार-बार आ रहा है। रविवार को राजधानी देहरादून में माहौल उस समय बेहद तनावपूर्ण हो गया जब आक्रोशित लोगों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया। इस दौरान पुलिस प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए भारी बैरिकेडिंग की थी, जिस पर कई युवक चढ़ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

