पश्चिम बंगाल में टीएमसी नेताओं पर अंडे और अन्य वस्तुएं फेंकने की बढ़ती घटनाओं को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने कहा कि किसी भी आरोपी या हिरासत में मौजूद व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दोष सिद्ध होने से पहले किसी के मौलिक अधिकारों का हनन नहीं किया जा सकता। साथ ही सरकार को संदिग्धों और कैदियों की सुरक्षा के लिए ठोस दिशा-निर्देश बनाने तथा अब तक हुई ऐसी घटनाओं पर की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट अदालत में पेश करने का आदेश दिया है।


