पाकिस्तान में आतंकवादी गतिविधियों को लेकर एक चिंताजनक इनपुट सामने आया है, जिसमें महिलाओं को शामिल करते हुए आत्मघाती दस्तों की तैयारी की बात कही जा रही है। खुफिया सूत्रों के अनुसार, जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ी महिला इकाइयाँ सक्रिय रूप से भर्ती अभियान चला रही हैं। बताया जा रहा है कि 18 अप्रैल को मुजफ्फराबाद के गोजर इलाके में स्थित वन स्टेप अहेड कॉलेज में एक लंबा विशेष सत्र आयोजित किया गया। सुबह करीब 9 बजे शुरू हुआ यह कार्यक्रम लगभग 10 घंटे तक चला, जिसमें 150 से अधिक महिलाओं की मौजूदगी बताई गई है। इस दौरान कथित रूप से भर्ती और प्रारंभिक प्रशिक्षण से जुड़ी गतिविधियाँ संचालित की गईं। खुफिया एजेंसियों से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इस बैठक और उससे संबंधित जानकारी केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ साझा कर दी गई है। इनपुट के मुताबिक, इस प्रारंभिक सत्र के बाद “जमात-उल-मोमिनात” नामक समूह द्वारा दो और उन्नत चरणों के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना है। सूत्रों के हवाले से यह भी सामने आया है कि अंतिम चरण में मसूद अजहर की संभावित भागीदारी का जिक्र किया गया। इसके अलावा, बैठक में महिलाओं को जम्मू-कश्मीर के भौगोलिक और सामाजिक ढांचे के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई, जिसमें जिलों की स्थिति और जनसांख्यिकीय पहलुओं पर भी चर्चा की गई। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मई के तीसरे सप्ताह में इन महिलाओं के लिए लाहौर में एक विशेष प्रशिक्षण सत्र प्रस्तावित है। सुरक्षा एजेंसियाँ इन इनपुट्स को गंभीरता से लेते हुए स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।


