नेपाल की राजधानी काठमांडू में भूमिहीन झुग्गीवासियों को बिना वैकल्पिक पुनर्वास हटाने के सरकारी फैसले के खिलाफ सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मानवाधिकारों की रक्षा, अवैध गिरफ्तारियां रोकने और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित आवास देने की मांग की। हाल ही में बाढ़ प्रभावित अस्थायी शिविर का जायजा लेने पहुंचे युवा कार्यकर्ताओं पर पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियों ने विवाद को और बढ़ा दिया। विपक्षी नेताओं ने भी इस कार्रवाई की आलोचना की है। कभी युवाओं के समर्थन से सत्ता तक पहुंचे प्रधानमंत्री बालेन शाह अब उन्हीं समर्थकों के विरोध का सामना कर रहे हैं, जिससे नेपाल की राजनीति में नया तनाव पैदा हो गया है।


