ढाका। बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला शरियतपुर जिले का है, जहाँ एक हिंदू दुकानदार खोकन दास ने बर्बर हमले के दो दिन बाद अस्पताल में दम तोड़ दिया। 50 वर्षीय खोकन दास अपने गांव में एक मेडिकल स्टोर और मोबाइल बैंकिंग का छोटा व्यवसाय चलाते थे। उन पर 31 दिसंबर की रात को एक हिंसक भीड़ ने उस वक्त हमला किया जब वे अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। गंभीर रूप से झुलसे और जख्मी खोकन दास को ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।


