नई दिल्ली। असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा के इस्तीफा देने के बाद पार्टी की लगातार गिरती राजनीतिक स्थिति और केंद्रीय नेतृत्व की भूमिका पर सवाल उठ खड़े हुए हैं। बोरा ने चुनाव से ठीक पहले पार्टी छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया है जिससे संगठनात्मक कमजोरी और आंतरिक कलह तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कई राज्यों में कांग्रेस की इकाइयां अंदरूनी गुटबाजी आपसी अविश्वास और सहयोगी दलों के साथ तालमेल की कमी के कारण हाशिये पर आ रही है। आलोचकों के मुताबिक शीर्ष नेतृत्व की निर्णय प्रक्रिया में कथित ‘सुस्ती’ और समय पर हस्तक्षेप न कर पाने की प्रवृत्ति पार्टी के लगातार क्षरण का कारण बन रही है।


