वाशिंगटन। मध्य पूर्व में कई सप्ताह से लागू नाजुक युद्धविराम के बीच, फिर बारूद की गूंज सुनाई दी है। अमेरिकी सेना ने बताया कि सप्ताहांत में ईरान द्वारा एक अमेरिकी एमक्यू-1 प्रीडेटर ड्रोन को मार गिरने के जवाब में, अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के रडार और ड्रोन नियंत्रण केंद्रों पर भारी बमबारी की। इस हमले के बाद ईरान ने भी जवाबी सैन्य कार्रवाई की बात स्वीकार की है। वहीं, पड़ोसी देश कुवैत ने सोमवार सुबह खुद पर ड्रोन और मिसाइल हमले होने का दावा किया, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। कुवैत ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने इन हमलों को लक्ष्य तक पहुंचने से रोकने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी।
यह घटना तब हुई है जब अमेरिकी और ईरानी अधिकारी इस युद्धविराम की अवधि को बढ़ाने के लिए समझौते पर बातचीत करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन ताजा हमलों ने इस प्रयास को झटका दिया है। ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ बनाए हुए है, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। इस बीच, इजराइल ने लेबनान में लितानी नदी से आगे भी कब्जा किया है, जबकि उग्रवादी समूह हिजबुल्ला इजराइल पर ड्रोन हमले जारी रखे हुए है, जिससे स्थिति और भी चिंताजनक हुई है।


